गुरुग्राम, 8 जनवरी 2026: कम्प्लीट आई केयर ने हाल ही में आंखों के स्वास्थ्य को लेकर एक विशेष अवेयरनेस सेशन का आयोजन किया। इस दौरान ड्राई आई सिंड्रोम के बढ़ते मामलों पर चर्चा की गई और दिल्ली NCR में पहली बार एडवांस्ड ड्राई आई ट्रीटमेंट Lumecca IPL और Forma-I के साथ एक यूनिक और होलिस्टिक आई-स्पा कॉन्सेप्ट लॉन्च किया गया। इस पहल का मकसद लोगों को ड्राई आई जैसी आम लेकिन अक्सर अनदेखी रह जाने वाली आंखों की समस्या के बारे में जागरूक करना है, ताकि समय रहते सही इलाज संभव हो सके।
इस मौके पर कम्प्लीट आई केयर, गुरुग्राम की फाउंडर और डायरेक्टर डॉ. पारुल सोनी मौजूद रहीं, जिन्होंने तेज़ रफ्तार लाइफस्टाइल, बढ़ते स्क्रीन टाइम, प्रदूषण और अन्य कारणों से आंखों की समस्याओं में हो रही लगातार वृद्धि पर चिंता जताई।
दिल्ली NCR में पहली बार, कम्प्लीट आई केयर ने Lumecca IPL और Forma-I को पेश किया है—यह एक क्रांतिकारी, नॉन-इनवेसिव ट्रीटमेंट है, जो ड्राई आई डिज़ीज़ की जड़ पर काम करता है। यह टेक्नोलॉजी पलक़ों को हल्की गर्माहट देते हुए टार्गेटेड लाइट एनर्जी प्रदान करती है, जिससे मीबोमियन ग्लैंड्स को स्टिमुलेट किया जाता है। ये ग्लैंड्स आंखों की हेल्दी टीयर फिल्म बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। ग्लैंड फंक्शन को बहाल करके Forma-I अस्थायी राहत के बजाय लॉन्ग-टर्म बेनिफिट देता है।
लॉन्च के बारे में बात करते हुए कम्प्लीट आई केयर, गुरुग्राम की फाउंडर और डायरेक्टर डॉ. पारुल सोनी ने कहा, “ड्राई आई अब सिर्फ़ एक मामूली इरिटेशन नहीं, बल्कि एक लाइफस्टाइल डिसऑर्डर बन चुका है। यह भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में सबसे कॉमन लेकिन सबसे ज़्यादा अनदेखी की जाने वाली आंखों की समस्याओं में से एक है, जो करीब 50 से 70 प्रतिशत लोगों को प्रभावित करती है, और अधिकांश लोग इससे अनजान रहते हैं। मरीजों को अक्सर आंखों में किरकिराहट, कुछ फंसा-सा महसूस होना, रेडनेस, आंखों की थकान और सिरदर्द की शिकायत होती है, जो ज़्यादा स्क्रीन टाइम, प्रदूषण, एयर-कंडीशनिंग, हार्मोनल बदलाव और कुछ दवाओं से और बढ़ जाती है। बढ़ता प्रदूषण और हाई AQI ड्राई आई के लक्षणों को और गंभीर बनाता है, जिसके कारण हाल के समय में ऐसे मरीजों की संख्या काफ़ी बढ़ी है। लुब्रिकेटिंग ड्रॉप्स भले ही अस्थायी राहत दें, लेकिन USFDA-अप्रूव्ड Lumecca IPL को Forma-I के साथ मिलाकर अब ड्राई आई की असली वजह का प्रभावी इलाज संभव है। इन दोनों प्रोसीजर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये पूरी तरह पेनलेस हैं, इनमें कोई डाउनटाइम नहीं होता, आउट-पेशेंट बेसिस पर किए जाते हैं और ट्रीटमेंट के तुरंत बाद रोज़मर्रा की गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं। कम्प्लीट आई केयर में हमारा लक्ष्य आंखों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए लॉन्ग-टर्म, साइंटिफिक और होलिस्टिक सॉल्यूशंस प्रदान करना है।”
डॉ. पारुल ने आगे बताया “ड्राई आई केयर को और व्यापक बनाते हुए कम्प्लीट आई केयर ने एक समर्पित आई-स्पा भी लॉन्च किया है, जो पूरी तरह आंखों की वेलनेस पर केंद्रित, अपने आप में पहला कॉन्सेप्ट है। आई-स्पा में BlephEx जैसी स्पेशल प्रोसीजर्स उपलब्ध हैं, जिनसे पलक़ों की डीप क्लीनिंग, जमा हुई गंदगी और बैक्टीरिया को हटाया जाता है। इसके साथ ही पंक्टल प्लग प्लेसमेंट की सुविधा भी है, जो आंसुओं के अत्यधिक ड्रेनेज को रोककर नेचुरल टीयर्स को बनाए रखने में मदद करती है। ये सभी ट्रीटमेंट्स मिलकर टीयर फिल्म को स्टेबल करते हैं, ड्राई आई डिज़ीज़ की प्रोग्रेशन को रोकते हैं और आंखों के आसपास की फाइन लाइन्स व रिंकल्स को एड्रेस करते हुए आंखों की कम्फर्ट और अपीयरेंस दोनों में सुधार लाते हैं। पलकों का रीजुवनेशन, डार्क सर्कल्स का हल्का होना और अंडर-आई बैग्स में कमी इन प्रोसीजर्स के अतिरिक्त लाभ हैं।“
ड्राई आई मैनेजमेंट के साथ-साथ, इस अवेयरनेस सेशन में मोतियाबिंद (कैटरेक्ट) की समय पर पहचान और इलाज के महत्व पर भी ज़ोर दिया गया। आधुनिक ऑप्टिकल बायोमेट्री-आधारित लेंस पावर कैलकुलेशन और एडवांस सर्जिकल टेक्नीक्स की बदौलत आज कैटरेक्ट ट्रीटमेंट के नतीजे बेहद उत्कृष्ट हैं। लगभग 99 प्रतिशत मामलों में समय पर डायग्नोसिस और ट्रीटमेंट से मरीज बिना चश्मे के स्पष्ट दृष्टि प्राप्त कर सकते हैं।
Lumecca IPL, Forma-I और आई-स्पा की लॉन्चिंग के साथ, कम्प्लीट आई केयर ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वह दिल्ली NCR में एंड-टू-एंड, स्टेट-ऑफ-द-आर्ट आई केयर सॉल्यूशंस देने के लिए प्रतिबद्ध है—जहां एडवांस टेक्नोलॉजी, मेडिकल एक्सपर्टीज़ और पेशेंट एजुकेशन के ज़रिये आंखों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा रहा है।



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