अलीगढ़: हाई ब्लड प्रेशर, जिसे हाइपरटेंशन भी कहा जाता है, अक्सर “साइलेंट थ्रेट” यानी खामोश खतरे के रूप में जाना जाता है। यह न दर्द देता है, न कोई स्पष्ट संकेत देता है, लेकिन अपनी इसी खामोशी में यह शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है अगर समय रहते इसे नियंत्रित न किया जाए।
हाइपरटेंशन लंबे समय तक बिना लक्षणों के शरीर को नुकसान पहुंचाता रहता है और हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी फेल्योर जैसी जानलेवा स्थितियों का कारण बन सकता है।
मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी विभाग के सीनियर डायरेक्टर डॉ. सुनील सोफत ने बताया “ब्लड प्रेशर वह दबाव है जो रक्त, रक्त वाहिकाओं में बहते समय बनाता है। जब यह दबाव लगातार 140/90 mmHg से अधिक रहता है, तो यह हृदय, मस्तिष्क, किडनी और धमनियों जैसे महत्वपूर्ण अंगों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। समय पर पहचान करना ही इसे गंभीर समस्या बनने से रोकने का पहला कदम है। हाइपरटेंशन की सही पहचान के लिए नियमित और सटीक ब्लड प्रेशर माप जरूरी है। डॉक्टर आपको घर पर भी ब्लड प्रेशर मॉनिटर करने की सलाह दे सकते हैं। एक बार निदान हो जाने पर, इसका इलाज व्यक्ति की जरूरत के अनुसार तय किया जाता है, जिसमें लाइफस्टाइल बदलाव और जरूरत पड़ने पर दवाएं शामिल होती हैं।“
अक्सर हाई ब्लड प्रेशर को साधारण लाइफस्टाइल बदलावों से नियंत्रित या रोका जा सकता है। DASH डाइट (Dietary Approaches to Stop Hypertension) अपनाना इसमें मददगार होता है, जिसमें फल, सब्जियां, होल ग्रेन्स और लीन प्रोटीन का अधिक सेवन शामिल है। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में प्रभावी होता है।
डॉ. सुनील ने आगे बताया “इसके साथ ही नियमित एक्सरसाइज, स्ट्रेस मैनेजमेंट, वजन नियंत्रण और धूम्रपान या अत्यधिक शराब से दूरी भी बेहद जरूरी है। ये बदलाव न सिर्फ ब्लड प्रेशर कम करते हैं बल्कि दिल की सेहत को भी बेहतर बनाते हैं। कुछ लोगों के लिए केवल लाइफस्टाइल बदलाव पर्याप्त नहीं होते, ऐसे में दवाइयों की जरूरत पड़ती है। सही तरीके से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने से हार्ट फेल्योर का खतरा लगभग 50%, स्ट्रोक का जोखिम 30-40% और हार्ट अटैक का खतरा 25-30% तक कम हो सकता है। साथ ही यह किडनी और आंखों को होने वाले नुकसान से भी बचाता है। हर मरीज के लिए उपचार योजना अलग होती है और बेहतर परिणाम के लिए कई बार दवाइयों का संयोजन भी दिया जाता है।“
जितनी जल्दी आप शुरुआत करेंगे, उतना ही बेहतर परिणाम मिलेगा। यदि परिवार में हाइपरटेंशन या डायबिटीज का इतिहास है, तो नियमित चेक-अप बेहद जरूरी है। नमक का सीमित सेवन, सक्रिय जीवनशैली और स्वस्थ वजन बनाए रखना जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है। हाइपरटेंशन भले ही खामोश हो, लेकिन आपको चुप रहने की जरूरत नहीं है। समय रहते डॉक्टर से सलाह लें, नियमित रूप से ब्लड प्रेशर जांचें और अपनी सेहत को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाएं।
जल्दी कार्रवाई करना ही हाइपरटेंशन से आगे रहने का सबसे अच्छा तरीका है। सही जानकारी, नियमित जांच और स्वस्थ आदतों के साथ आप हाइपरटेंशन को नियंत्रित कर सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।



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