पुष्पांजलि स्टडी सर्कल में एक्सपर्ट्स बोले हेल्दी लाइफस्टाइल बदल सकती है बॉडी और माइंड
नई दिल्ली, 8 अप्रैल 2026: विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर पुष्पांजलि मेडिकल सेंटर ने फेम नेस्ट हॉस्पिटल के साथ मिलकर अपने प्रमुख “पुष्पांजलि स्टडी सर्कल” के तहत एक विशेष सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देश के प्रमुख मेडिकल एक्सपर्ट्स ने भाग लिया और होलिस्टिक हेल्थ और वेल-बीइंग को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। सत्र की थीम थी, “एक हेल्दी लाइफस्टाइल न केवल आपकी बॉडी को बदलती है, बल्कि आपके माइंड, एटीट्यूड और मूड को भी प्रभावित करती है,” जिसमें रोज़मर्रा की लाइफस्टाइल चॉइसेज़ के समग्र स्वास्थ्य पर पड़ने वाले व्यापक प्रभाव को रेखांकित किया गया।
इस सत्र का उद्घाटन दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन की प्रेसिडेंट डॉ. नीलम लेखी ने किया। उन्होंने आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और प्रैक्टिशनर्स की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिसने नॉलेज एक्सचेंज और हेल्दी आदतों को दैनिक जीवन में शामिल करने पर सार्थक चर्चा का मंच प्रदान किया। सत्र की अध्यक्षता पुष्पांजलि मेडिकल सेंटर के डॉ. प्रकाश गेरा और डॉ. नीरज जैन ने की, जिन्होंने कंटीन्यूअस मेडिकल एजुकेशन और अवेयरनेस इनिशिएटिव्स की आवश्यकता पर जोर दिया।
सत्र के दौरान बोलते हुए, सी3 हेल्थकेयर और मैक्स हॉस्पिटल नोएडा के प्रिंसिपल डायरेक्टर एवं चीफ – ऑनको-सर्जरी डॉ. अंशुमन कुमार ने आज के परिवेश में हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, “लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां, जैसे कैंसर, डायबिटीज और कार्डियोवैस्कुलर डिसऑर्डर्स, खराब खान-पान, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, स्ट्रेस और एनवायरनमेंटल फैक्टर्स के कारण तेजी से बढ़ रही हैं। मेरा मानना है कि अच्छी सेहत केवल बीमारी का अभाव नहीं है, बल्कि यह फिजिकल, मेंटल और इमोशनल वेल-बीइंग की पूरी स्थिति है। मैं यह जोर देना चाहूंगा कि लोग छोटे लेकिन नियमित बदलाव जैसे बैलेंस्ड डाइट लेना, नियमित एक्सरसाइज करना, पर्याप्त नींद लेना और स्ट्रेस मैनेजमेंट के जरिए अपने हेल्थ रिस्क को काफी हद तक कम कर सकते हैं और अपनी लाइफ क्वालिटी बेहतर बना सकते हैं। साथ ही, मैं सभी को नियमित हेल्थ चेक-अप और अर्ली स्क्रीनिंग को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित करता हूं, क्योंकि इससे समय पर डायग्नोसिस और बेहतर ट्रीटमेंट आउटकम संभव होता है।”
इस सत्र में हेल्दी लाइफस्टाइल के विभिन्न पहलुओं जैसे न्यूट्रिशन, मेंटल वेल-बीइंग, फिजिकल फिटनेस और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर पर विस्तृत चर्चा की गई। एक्सपर्ट्स ने बताया कि किस तरह मॉडर्न लाइफस्टाइल स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों को बढ़ा रही है और इस बात पर जोर दिया कि अब समय आ गया है कि फोकस ट्रीटमेंट से हटाकर प्रिवेंशन पर किया जाए। सत्र का इंटरएक्टिव स्वरूप प्रतिभागियों को अपने अनुभव साझा करने और हेल्दी कम्युनिटी बनाने के लिए प्रैक्टिकल स्ट्रेटेजीज पर चर्चा करने का अवसर प्रदान करता रहा।
सत्र के समापन पर, पुष्पांजलि मेडिकल सेंटर के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. विनय अग्रवाल ने कहा, “हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना एक लॉन्ग-टर्म कमिटमेंट है, जिसके लिए अनुशासन, जागरूकता और सामूहिक प्रयास की जरूरत होती है। जहां मेडिकल एडवांसमेंट्स ने ट्रीटमेंट को आसान बनाया है, वहीं मेरा मानना है कि असली वेलनेस प्रिवेंशन और सेल्फ-केयर में है। हमें अपनी सेहत की जिम्मेदारी खुद लेनी होगी—सही फैसले लेकर, एक्टिव रहकर और पॉजिटिव माइंडसेट बनाए रखकर। एक हेल्दी सोसाइटी तभी बन सकती है जब जागरूकता को व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर एक्शन में बदला जाए।”
कार्यक्रम का समापन एक प्रेरणादायक संदेश के साथ हुआ, जिसमें यह दोहराया गया कि हेल्दी लाइफस्टाइल ही एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन की मजबूत नींव है। “पुष्पांजलि स्टडी सर्कल” जैसे प्रयासों के माध्यम से पुष्पांजलि मेडिकल सेंटर और फेम नेस्ट हॉस्पिटल लगातार जागरूकता, एजुकेशन और प्रोक्टिव हेल्थकेयर को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे एक अधिक हेल्थ-कॉन्शियस समाज के निर्माण में योगदान मिल रहा है।



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