साइबरनाइफ रेडियोसर्जरी से दिमाग की गंभीर बीमारियों का सटीक इलाज, बिना चीर-फाड़ के 2500 से अधिक मरीजों का सफल इलाज

Ticker

15/recent/ticker-posts

साइबरनाइफ रेडियोसर्जरी से दिमाग की गंभीर बीमारियों का सटीक इलाज, बिना चीर-फाड़ के 2500 से अधिक मरीजों का सफल इलाज

 साइबरनाइफ रेडियोसर्जरी से दिमाग की गंभीर बीमारियों का सटीक इलाज, बिना चीर-फाड़ के 2500 से अधिक मरीजों का सफल इलाज

नई दिल्ली, सितंबर 15, 2026: आर्टेमिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम ने न्यूरोसाइंसेज के क्षेत्र में हो रही प्रगति और कॉम्प्लेक्स न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के इलाज में टीमवर्क की भूमिका को लेकर जागरूकता सत्र आयोजित किया। सत्र में न्यूरोसर्जरी, रेडियोसर्जरी और आधुनिक न्यूरोलॉजिकल उपचारों के साथ मरीजों के लिए उपलब्ध नई तकनीकों पर चर्चा की गई।


सत्र का नेतृत्व आर्टेमिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम के न्यूरोसर्जरी एवं सीएनएस रेडियोसर्जरी विभाग के चेयरमैन और साइबरनाइफ सेंटर को-चीफ डॉ. आदित्य गुप्ता ने किया। उन्होंने डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (डीबीएस), साइबरनाइफ रेडियोसर्जरी और मिर्गी के आधुनिक उपचार पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मरीज की स्थिति के अनुसार सही जांच और उपचार का चयन बेहतर परिणामों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।


आर्टेमिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम के न्यूरोसर्जरी एवं सीएनएस रेडियोसर्जरी विभाग के चेयरमैन और साइबरनाइफ सेंटर को-चीफ डॉ. आदित्य गुप्ता ने किया। ने कहा, “न्यूरोसाइंसेज में आधुनिक तकनीकों ने कॉम्प्लेक्स बीमारियों के इलाज की संभावनाओं को काफी बढ़ाया है। डीप ब्रेन स्टिमुलेशन कुछ चुनिंदा मरीजों में मूवमेंट डिसऑर्डर के उपचार का महत्वपूर्ण विकल्प है, वहीं साइबरनाइफ रेडियोसर्जरी दिमाग और रीढ़ की कई बीमारियों में बिना पारंपरिक सर्जरी के अत्यधिक सटीक उपचार उपलब्ध कराती है। हालांकि, केवल तकनीक पर्याप्त नहीं है। न्यूरोसर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट, रेडिएशन विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट और अन्य विशेषज्ञों की संयुक्त विशेषज्ञता ही कॉम्प्रिहेंसिव और पेशेंट सेंट्रिक उपचार सुनिश्चित करती है।”


सत्र में मिर्गी के कारणों, सटीक जांच और उपचार विकल्पों पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि मरीज की स्थिति के आधार पर दवाओं से लेकर सर्जरी और अन्य आधुनिक उपचारों पर विचार किया जा सकता है। इस दौरान ब्रेन ट्यूमर से सफलतापूर्वक उपचार पाए एक बच्चे की केस वीडियो भी दिखाई गई, जिसने आधुनिक तकनीक और टीमवर्क की अहमियत को सामने रखा। 


डॉ. आदित्य गुप्ता ने आगे कहा, “हर न्यूरोलॉजिकल मरीज की स्थिति अलग होती है और इसलिए टीमवर्क आधुनिक न्यूरोसाइंस उपचार का आधार है। कई विशेषज्ञ जब एक साथ मरीज की स्थिति का अलग-अलग दृष्टिकोण से आकलन करते हैं, तभी सबसे उपयुक्त उपचार रणनीति तैयार की जा सकती है।


हमारा लक्ष्य मरीज की सुरक्षा, उपचार की सटीकता और जीवन की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए बेहतर परिणाम हासिल करना होना चाहिए। समय पर जांच और सही विशेषज्ञ से परामर्श उपचार में महत्वपूर्ण अंतर ला सकता है।”


आर्टेमिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम में अब तक 2,500 से अधिक साइबरनाइफ प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। साइबरनाइफ तकनीक लक्षित स्थान पर अत्यधिक सटीक रेडिएशन पहुंचाने में मदद करती है और आसपास के स्वस्थ टिशूस को नुकसान कम करने में सहायक होती है।


सत्र का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के बेहतर प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक के साथ विभिन्न विशेषज्ञताओं के बीच मजबूत समन्वय और मरीजों में जागरूकता जरूरी है। आर्टेमिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम अत्याधुनिक तकनीक, विशेषज्ञता और मल्टीडिसिप्लिनरी टीमवर्क के माध्यम से कॉम्प्लेक्स न्यूरोलॉजिकल स्थितियों के लिए व्यापक उपचार उपलब्ध कराने पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रहा है।

💡 Enjoying the content?

For getting latest content, Please Follow us.

Follow Us