पलवल, 9 सितंबर 2026: सेंटर फॉर साइट ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल्स ने अपने पलवल सेंटर में क्षेत्र का पहला एडवांस्ड स्कैनसिस एंटीरियर सेगमेंट एनालाइजर लॉन्च किया है। यह नई तकनीक उन मरीजों के लिए खास तौर पर उपयोगी होगी, जो लेसिक या चश्मा हटाने वाली अन्य सर्जरी कराने पर विचार कर रहे हैं। इससे सर्जरी से पहले आंखों की अधिक विस्तृत और सटीक जांच करना संभव होगा।
लेसिक जैसी सर्जरी कराने से पहले यह पता लगाना जरूरी होता है कि मरीज की आंखें इस प्रक्रिया के लिए उपयुक्त हैं या नहीं। इसके लिए कॉर्निया यानी आंख की सामने वाली पारदर्शी परत की स्थिति को अच्छी तरह समझना जरूरी है। स्कैनसिस सिस्टम कॉर्निया की मोटाई, आकार, घुमाव और सतह की विस्तृत जानकारी देता है। इससे डॉक्टर को मरीज की आंखों की पूरी स्थिति समझने और सही उपचार तय करने में मदद मिलती है।
सेंटर फॉर साइट, पलवल की कैटरेक्ट एवं एंटीरियर सेगमेंट सर्जन डॉ. दीप्ति के. गौतम ने कहा, “लेसिक से पहले आंखों की विस्तृत जांच बेहद जरूरी है। स्कैनसिस के जरिए कॉर्निया की मोटाई, आकार और अन्य महत्वपूर्ण विशेषताओं की बारीकी से जांच की जा सकती है। यह केराटोकोनस जैसी समस्या की शुरुआती पहचान में भी मदद करता है, जिसमें कॉर्निया धीरे-धीरे पतला और कमजोर होने लगता है। इस जांच के आधार पर डॉक्टर मरीज के लिए सुरक्षित और उपयुक्त उपचार का फैसला कर सकते हैं। नई तकनीक की मदद से डॉक्टर यह भी पहचान सकते हैं कि कॉर्निया में कोई अनियमितता तो नहीं है। ऐसी समस्या होने पर हर मरीज के लिए लेसिक सही विकल्प नहीं हो सकता। इसलिए सर्जरी से पहले सही जांच न केवल बेहतर परिणाम के लिए, बल्कि मरीज की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।“
सेंटर फॉर साइट, पलवल की कैटरेक्ट एवं रिफ्रैक्टिव सर्जन डॉ. लिपि मित्तल ने कहा, “रिफ्रैक्टिव सर्जरी में सही डायग्नोसिस और प्लानिंग बहुत महत्वपूर्ण है। स्कैनसिस से कॉर्निया की अधिक विस्तृत जानकारी मिलने के कारण हम मरीज की आंखों के अनुसार उपचार को पर्सनलाइज कर सकते हैं। इससे मरीज की जरूरतों और लाइफस्टाइल को ध्यान में रखते हुए सही प्रक्रिया चुनने में मदद मिलती है और उपचार की प्लानिंग अधिक सटीक बनती है। डॉक्टर मरीज की आंखों की स्थिति, उम्र, लाइफस्टाइल और विजुअल जरूरतों के आधार पर सही विकल्प चुनने में मदद करते हैं। जिन मरीजों के लिए कॉर्निया पर लेजर सर्जरी उपयुक्त नहीं होती, उनके लिए कुछ मामलों में आईसीएल एक वैकल्पिक विकल्प हो सकता है।”
पलवल में अब मरीजों को शुरुआती जांच, काउंसलिंग, उपचार और फॉलो-अप तक बेहतर सुविधा मिल सकेगी। लेसिक और अन्य रिफ्रैक्टिव सेवाओं के अलावा सेंटर फॉर साइट, पलवल में कैटरेक्ट, रेटिना, ग्लूकोमा, कॉर्निया और आंखों से जुड़ी अन्य समस्याओं का भी इलाज किया जाता है।
न्यू कॉलोनी में ICICI बैंक के सामने स्थित यह सेंटर पलवल और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आधुनिक और विशेषज्ञ आई केयर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सेवाएं प्रदान कर रहा है। सेंटर फॉर साइट के देशभर में 33 शहरों में 95 सेंटर और 350 से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर हैं, जो कैटरेक्ट, रिफ्रैक्टिव सर्जरी, कॉर्निया, ग्लूकोमा, रेटिना, ऑक्युलोप्लास्टी और बच्चों की आंखों से जुड़ी समस्याओं के उपचार में सेवाएं दे रहे हैं।



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