रोबोटिक सर्जरी से GI कैंसर के इलाज में नई उम्मीद

Ticker

15/recent/ticker-posts

रोबोटिक सर्जरी से GI कैंसर के इलाज में नई उम्मीद

रोबोटिक सर्जरी से GI कैंसर के इलाज में नई उम्मीद

रोहतक  – पाचन तंत्र से जुड़े कैंसर, जिन्हें गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (GI) कैंसर कहा जाता है, में भोजन नली, पेट, लिवर, पित्ताशय, अग्नाशय, बड़ी आंत और मलाशय के कैंसर शामिल हैं। इन कैंसर के इलाज में सर्जरी की अहम भूमिका होती है। आज रोबोटिक सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीक ने चुनिंदा मरीजों के इलाज में नई संभावनाएं पैदा की हैं।


निगलने में परेशानी, बिना कारण वजन कम होना, लगातार पेट दर्द, मल में खून आना या मल त्याग की आदतों में बदलाव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और इलाज से मरीज के बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।


मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, द्वारका के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के डायरेक्टर एवं यूनिट हेड डॉ. संजीव कुमार ने बताया, “रोबोटिक सर्जरी में सर्जन को शरीर के अंदर का बड़ा और साफ 3D दृश्य मिलता है। छोटे और लचीले उपकरणों की मदद से शरीर के मुश्किल हिस्सों में भी अधिक सटीकता से सर्जरी की जा सकती है।”


उपयुक्त मरीजों में रोबोटिक सर्जरी के दौरान छोटे चीरे लगाए जाते हैं। इससे रक्तस्राव और ऑपरेशन के बाद दर्द कम हो सकता है तथा मरीज जल्दी ठीक हो सकता है। रेक्टल कैंसर के कुछ मरीजों में यह तकनीक ट्यूमर को सावधानी से हटाने और आसपास की जरूरी नसों व अंगों को बचाने में मदद कर सकती है। कुछ मामलों में मरीज को स्थायी स्टोमा से बचाने की संभावना भी हो सकती है।


डॉ. कुमार ने कहा, “रोबोटिक सर्जरी का उपयोग भोजन नली और अग्नाशय के कुछ कैंसर मरीजों में भी किया जा रहा है। हालांकि, यह हर मरीज के लिए सही विकल्प नहीं है। कैंसर का प्रकार और स्टेज, ट्यूमर की जगह, मरीज की सेहत और सर्जिकल टीम के अनुभव को देखकर ही इलाज का फैसला किया जाता है।”

💡 Enjoying the content?

For getting latest content, Please Follow us.

Follow Us