पुष्पांजलि मेडिकॉन 2026 में 3,000 से अधिक डॉक्टर जुटे, मेडिकल क्षेत्र में नवीनतम प्रगति और एआई के बढ़ते उपयोग पर हुई चर्चा
नई दिल्ली, 27 सितंबर, 2026: पुष्पांजलि मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर (PMERC) ने पुष्पांजलि मेडिकॉन 2026 के साइंटिफिक सेशन का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इसमें देशभर के हेल्थकेयर क्षेत्र से जुड़े 3,000 से अधिक डॉक्टरों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। 24 घंटे के इस शैक्षणिक कार्यक्रम का आयोजन एक साथ तीन हॉल में किया गया, जिसमें प्रत्येक हॉल में आठ घंटे के साइंटिफिक सेशन आयोजित हुए।
कार्यक्रम में देश के कई प्रतिष्ठित डॉक्टरों, चिकित्सकों, मेडिकल विशेषज्ञों और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया और विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं में हो रही नवीनतम प्रगति तथा उभरते बदलावों पर चर्चा की। प्रमुख वक्ताओं में डॉ. संजीव कौल, डॉ. शेखर शेषाद्री, डॉ. मिलिंद पांडे, डॉ. अनिल अरोड़ा और डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा सहित कई अन्य विशेषज्ञ शामिल रहे।
पुष्पांजलि मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर के चीफ पैट्रन एवं सीएमडी डॉ. विनय अग्रवाल ने कहा, “पुष्पांजलि मेडिकॉन में 3,000 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी इस कार्यक्रम की मजबूत शैक्षणिक उपयोगिता और निरंतर मेडिकल एजुकेशन के लिए ऐसे मंचों की बढ़ती आवश्यकता को दर्शाती है। तीन हॉल में एक साथ 24 घंटे के साइंटिफिक सेशन आयोजित करने से विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने और प्रतिनिधियों को अलग-अलग विषयों पर सीखने का अवसर मिला। सेशंस में चिकित्सा क्षेत्र की नवीनतम प्रगति, बदलते उपचार तरीकों और हेल्थकेयर के बदलते स्वरूप पर चर्चा हुई। मेडिकल केयर और क्लिनिकल प्रैक्टिस को बदलने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका भी चर्चा का महत्वपूर्ण विषय रही।”
साइंटिफिक कार्यक्रम में मेडिकल क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए और अपने अनुभव साझा किए। अलग-अलग सेशंस में चिकित्सा के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे नए बदलावों, आधुनिक उपचार पद्धतियों, तकनीकी नवाचारों और चिकित्सकों के लिए महत्वपूर्ण क्लिनिकल पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। तीनों हॉल में समानांतर रूप से आयोजित सेशंस ने प्रतिनिधियों को अपनी रुचि और विशेषज्ञता के अनुरूप विभिन्न विषयों को समझने का अवसर दिया।
डॉ. विनय अग्रवाल ने आगे कहा, “इस वर्ष के साइंटिफिक कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताओं में विभिन्न विषयों की व्यापकता और उच्च स्तर की अकादमिक चर्चा रही। विशेषज्ञों ने अलग-अलग चिकित्सा क्षेत्रों में हो रही नवीनतम प्रगति पर अपने अनुभव साझा किए और हेल्थकेयर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका पर भी विशेष चर्चा हुई। एआई डायग्नोसिस, क्लिनिकल निर्णय लेने, उपचार की योजना बनाने और हेल्थकेयर डिलीवरी में नई संभावनाएं खोल रहा है। ऐसे में मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए इसके अवसरों और इसके तेजी से विकसित हो रहे उपयोग को समझना महत्वपूर्ण है। इस तरह के साइंटिफिक संवाद डॉक्टरों को अपडेट रहने और आपसी सीख को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।”
साइंटिफिक कार्यक्रम में मेडिसिन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय रही। विशेषज्ञों ने बताया कि एआई आधारित तकनीकों का डायग्नोसिस, क्लिनिकल निर्णय लेने, मेडिकल इमेजिंग, उपचार की योजना और हेल्थकेयर मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में तेजी से उपयोग किया जा रहा है। साथ ही, विशेषज्ञों ने इस बात पर भी जोर दिया कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के साथ चिकित्सकीय अनुभव, क्लिनिकल निर्णय और जिम्मेदार तरीके से नई तकनीकों को अपनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम को दिल्ली मेडिकल काउंसिल (DMC) द्वारा छह घंटे की मान्यता भी प्रदान की गई, जिससे इसमें शामिल मेडिकल प्रोफेशनल्स को मान्यता प्राप्त कंटिन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन का अवसर मिला।
पुष्पांजलि मेडिकॉन 2026 का यह सफल साइंटिफिक सेशन मेडिकल समुदाय को ज्ञान के आदान-प्रदान, प्रोफेशनल संवाद और हेल्थकेयर के भविष्य पर चर्चा के लिए एक साझा मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण रहा। 3,000 से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी ने निरंतर मेडिकल एजुकेशन और सहयोगात्मक साइंटिफिक संवाद की आवश्यकता को रेखांकित किया, ताकि तेजी से बदल रहे मेडिकल और तकनीकी विकास के साथ हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स लगातार अपडेट रह सकें।
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