इस अवसर पर डॉ. शंकर नारंग, सीईओ, सेंटर फॉर साइट, डॉ. रुपल शाह, मेडिकल डायरेक्टर एवं हेड ऑफ क्लिनिकल सर्विसेज, वडोदरा; डॉ. परेश एम. वैद्य, मेडिकल डायरेक्टर एवं हेड ऑफ क्लिनिकल सर्विसेज, सूरत; डॉ. निखिल प्रजापति, हेड ऑफ क्लिनिकल सर्विसेज, अहमदाबाद; और डॉ. विनोद गुरनानी, मेडिकल डायरेक्टर, अहमदाबाद उपस्थित रहे।
अहमदाबाद के सी.जी. रोड सेंटर में प्लैनेट लेसिक की शुरुआत से गुजरात में सेंटर फॉर साइट की मौजूदगी और मजबूत होगी। गुजरात में इसके वडोदरा में एक, सूरत में दो तथा सी.जी. रोड-नवरंगपुरा, नरोदा और गांधीनगर में सेंटर हैं। इस विस्तार से क्षेत्र के मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श, उपचार की योजना और इलाज के बाद फॉलो-अप की सुविधाएं अपने नजदीक उपलब्ध हो सकेंगी। गुजरात में सेंटर फॉर साइट की रिफ्रैक्टिव सर्जरी सेवाओं में सिल्क (SILK), स्माइल (SMILE), कॉन्टूरा विजन, आईसीएल (ICL), फेम्टो लेसिक और लेसिक शामिल हैं। इससे मरीजों को लेजर आधारित प्रक्रियाओं के साथ-साथ आंखों में प्रत्यारोपित किए जाने वाले विशेष लेंस के विकल्प भी एक ही विशेषज्ञ नेटवर्क के अंतर्गत उपलब्ध होते हैं।
प्रो. (डॉ.) महिपाल एस. सचदेव, चेयरमैन एवं मेडिकल डायरेक्टर, सेंटर फॉर साइट ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल्स, ने कहा, “सेंटर फॉर साइट में हमारा उद्देश्य एडवांस्ड नेत्र देखभाल सेवाओं को लोगों के करीब पहुंचाना और ऐसी तकनीकों के विकास में योगदान देना है, जो भविष्य में आंखों के उपचार को नई दिशा देंगी। स्माइल और सिल्क तकनीकों के विकास एवं उनके क्लिनिकल मूल्यांकन में हमारे डॉक्टरों की भागीदारी इसी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्लैनेट लेसिक के माध्यम से हम विशेषज्ञता, आधुनिक तकनीक और व्यक्तिगत मूल्यांकन को एक साथ ला रहे हैं, ताकि लोग चश्मे पर अपनी निर्भरता कम करने और अपनी पसंद की गतिविधियों का अधिक सहजता से आनंद लेने की दिशा में आगे बढ़ सकें।”
डॉ. शंकर नारंग, सीईओ, सेंटर फॉर साइट, ने कहा, “अहमदाबाद के सी.जी. रोड सेंटर में प्लैनेट लेसिक की शुरुआत गुजरात में विशेषीकृत नेत्र देखभाल सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे विशेषज्ञ परामर्श, जांच और उपचार की योजना की सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। हमारा ध्यान अनुभवी क्लिनिकल टीम, आधुनिक तकनीक और देखभाल के एकसमान मानकों को साथ लाकर मरीजों को उनकी जरूरतों के अनुरूप दृष्टि सुधार के विकल्प उनके घर के नजदीक उपलब्ध कराने पर है।”
प्लैनेट लेसिक के अंतर्गत विशेषज्ञ परामर्श, आंखों की विस्तृत जांच, उपचार की योजना और फॉलो-अप की सुविधाएं एक ही व्यवस्था में उपलब्ध होंगी। दृष्टि सुधार के लिए कई विकल्प उपलब्ध होने से डॉक्टर मरीज की आंखों की स्थिति और उसकी दृश्य संबंधी जरूरतों के अनुसार उचित प्रक्रिया की सलाह दे सकेंगे। किसी प्रक्रिया के लिए मरीज की उपयुक्तता उसकी उम्र, चश्मे के नंबर की स्थिरता, कॉर्निया की मोटाई एवं आकार और आंखों के समग्र स्वास्थ्य जैसे कारकों पर निर्भर करती है।
डॉ. रुपल शाह, मेडिकल डायरेक्टर एवं हेड ऑफ क्लिनिकल सर्विसेज, वडोदरा, ने कहा, “दृष्टि सुधार के लिए सबसे उपयुक्त प्रक्रिया का चुनाव हर मरीज की आंखों की स्थिति के आधार पर किया जाता है। विस्तृत जांच से यह तय करने में मदद मिलती है कि कौन-से विकल्प उपयुक्त हैं, उनसे किस तरह के परिणामों की उम्मीद की जा सकती है और उनकी क्या सीमाएं हैं। अहमदाबाद के सी.जी. रोड सेंटर में प्लैनेट लेसिक के लिए समर्पित फ्लोर शुरू होने से मरीजों को व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार रिफ्रैक्टिव केयर की सुविधा और करीब मिलेगी।”
डॉ. परेश एम. वैद्य, मेडिकल डायरेक्टर एवं हेड ऑफ क्लिनिकल सर्विसेज, सूरत, ने कहा, “गुजरात में हमारा बढ़ता नेटवर्क मरीजों को अपने घर के नजदीक अनुभवी विशेषज्ञों और आधुनिक उपचार सुविधाओं तक बेहतर पहुंच प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। रिफ्रैक्टिव सर्जरी से लेकर मोतियाबिंद के उपचार तक, हम मरीज की चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार सही उपचार, स्पष्ट परामर्श और इलाज के दौरान तथा उसके बाद निरंतर देखभाल को प्राथमिकता देते हैं।”
डॉ. निखिल प्रजापति, हेड ऑफ क्लिनिकल सर्विसेज, अहमदाबाद, ने कहा, “मोतियाबिंद के उपचार की योजना बनाते समय मरीज की रोजमर्रा की दृश्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखा जाता है। इनमें पढ़ना, कंप्यूटर पर काम करना और वाहन चलाना जैसी गतिविधियां शामिल हैं। लेंस का चुनाव इन जरूरतों और आंखों के समग्र स्वास्थ्य के आधार पर किया जाता है। व्यक्तिगत जांच और उचित परामर्श से मरीज उपलब्ध विकल्पों को समझकर बेहतर निर्णय ले सकते हैं।”
डॉ. विनोद गुरनानी, मेडिकल डायरेक्टर, अहमदाबाद, ने कहा, “ग्लूकोमा और डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी बीमारियां कई बार नजर में स्पष्ट बदलाव महसूस होने से पहले ही बढ़ सकती हैं। गुजरात में अपने नेटवर्क के माध्यम से हमारा प्रयास है कि लोगों को विशेषज्ञ जांच, समय पर उपचार और नियमित फॉलो-अप की सुविधाएं अधिक आसानी से उपलब्ध हों।”
दृष्टि सुधार सेवाओं के अलावा, सेंटर फॉर साइट का गुजरात नेटवर्क मोतियाबिंद, रेटिना संबंधी बीमारियों, ग्लूकोमा, बच्चों की आंखों की समस्याओं, भेंगापन और कॉर्निया संबंधी बीमारियों के उपचार की सुविधा भी प्रदान करता है।
मोतियाबिंद के उपचार के लिए सुसज्जित केंद्रों पर माइक्रो-इंसिजन कैटरेक्ट सर्जरी (MICS) और फेम्टोसेकंड लेजर की सहायता से सर्जरी जैसी आधुनिक प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं। मरीजों की जरूरतों के अनुसार मोनोफोकल, टॉरिक, मल्टीफोकल, ट्राइफोकल और एक्सटेंडेड डेप्थ ऑफ फोकस (EDOF) लेंस के विकल्प भी दिए जाते हैं। इनमें से उपयुक्त लेंस का चयन मरीज की आंखों के स्वास्थ्य, जीवनशैली और देखने संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाता है। परामर्श के दौरान मरीजों को प्रत्येक विकल्प के लाभ और सीमाओं के बारे में विस्तार से समझाया जाता है, ताकि वे अपनी जरूरतों के अनुसार सोच-समझकर निर्णय ले सकें।



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